आरक्षक और टीआई के कथित प्राइवेट ड्राइवर पर मारपीट व अवैध वसूली के आरोप

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नौगांव। नौगांव थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यहां पदस्थ एक आरक्षक और थाना प्रभारी के कथित प्राइवेट ड्राइवर पर उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर पी रहे दो युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और डरा-धमकार अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। पीड़ितों ने एसडीओपी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
थाने के भीतर मारपीट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2 बजे लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम पीरा व बागमऊ निवासी दो युवक महोबा (यूपी) से शराब खरीदकर अपनी बोलेरो कार में बैठकर पी रहे थे। इसी दौरान आरक्षक अजय प्रताप सिंह और पवन शर्मा (कथित प्राइवेट ड्राइवर) वहां पहुंचे और दोनों को पकड़कर थाने ले आए। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें थाने के महिला सेल कक्ष में ले जाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई।
₹9000 की वसूली का दावा
आरोप है कि छोड़ने के बदले आरोपियों ने युवकों से ₹2000 नकद और ₹7000 मोबाइल के माध्यम से ट्रांसफर करवाए। बताया जा रहा है कि यह राशि किसी जितेंद्र मिश्रा के खाते में भेजी गई, जिसका संबंध पवन शर्मा से बताया जा रहा है। करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर मारपीट करने के बाद उन्हें छोड़ा गया।
प्राइवेट व्यक्ति की सक्रियता से पुलिस की छवि धूमिल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पवन शर्मा नामक व्यक्ति पुलिस के नाम पर क्षेत्र में अवैध वसूली का काम कर रहा है। प्राइवेट व्यक्तियों की थाने में पैठ और आरक्षकों के साथ मिलकर की जा रही इस तरह की गतिविधियों से छतरपुर पुलिस की छवि खराब हो रही है। पीड़ितों ने इस मामले में नौगांव एसडीओपी अमित मेश्राम और एसपी आगम जैन को शिकायती आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
