Tuesday, January 20, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
देशअखिलेश ने अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात की: बोले- जल्द मिलने आऊंगा

अखिलेश ने अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात की: बोले- जल्द मिलने आऊंगा

Post Media
News Logo
Peptech Time
20 जनवरी 2026, 06:23 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

प्रयागराज। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के धरने को लेकर राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से फोन पर बात की और उनका समर्थन जताया। अखिलेश ने कहा, "मैं आपके साथ हूं, जल्द ही मिलने प्रयागराज आऊंगा।" उन्होंने पुलिस द्वारा पालकी (रथ यात्रा) रोके जाने की घटना पर दुख जताया और कहा कि ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था।

शंकराचार्य ने फोन पर अखिलेश को बताया कि हिंदू धर्म में जन्म लेते ही हर बच्चे को गंगा-यमुना में स्नान का अधिकार मिलता है, लेकिन उनसे यह अधिकार भी छीन लिया गया। उन्होंने इसे धार्मिक परंपरा और स्वतंत्रता पर हमला करार दिया।

पालकी रोकने के विरोध में शंकराचार्य मौनी अमावस्या के दिन से ही धरने पर बैठे हैं। पुलिस ने उन्हें जहां छोड़ा था, वहीं फुटपाथ पर वे अनशन कर रहे हैं। मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज के अनुसार, शंकराचार्य ने 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कुछ नहीं खाया-पिया है। रविवार रात पूरी ठंड में वे धरने पर रहे और सोमवार सुबह भी उसी स्थान पर पूजा व दंड तर्पण किया।

सोमवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य ने साफ कहा, "प्रशासन माफी नहीं मांगेगा तो हम आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे। इतिहास में शंकराचार्य हमेशा पालकी में स्नान के लिए गए हैं। मैं प्रण लेता हूं कि हर माघ मेले में प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी शिविर में नहीं, फुटपाथ पर रहूंगा।"

इस बीच, मौनी अमावस्या पर रथ यात्रा के दौरान हुए विवाद का CCTV फुटेज सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस ने रास्ते पर बैरिकेडिंग लगा दी थी, जिसके बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी कहासुनी हुई। समर्थकों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के इस धरने का समर्थन करते हुए हरदा रिछारिया ने भी वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, "ये बेटी आपके साथ है।"

माघ मेला प्रशासन की ओर से शंकराचार्य को नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें उनके शंकराचार्य पद पर सवाल उठाए गए हैं, लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि वे ही ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य हैं।


Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)