उमरिया, तपस गुप्ता। जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे खेरवा टोला गांव में रविवार सुबह बाघ के हमले से हड़कंप मच गया। घर में घुसे बाघ ने एक महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया, जबकि महिला को बचाने पहुंचे चार ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघ अचानक गांव में घुस आया और एक घर में सो रही महिला पर हमला कर दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों पर भी बाघ ने हमला कर दिया, जिससे चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद बाघ घर के अंदर ही छिपा रहा, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है।


सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव समेत वनकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में रेंजर के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल रेंजर और तीन अन्य वनकर्मियों को मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं घायल ग्रामीणों का भी उपचार किया जा रहा है।


घटना के बाद गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तथा वन अमला मौके पर तैनात किया गया है। वन विभाग की टीम बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने की कोशिश में जुटी हुई है।


इस बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना का संज्ञान लेते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन से जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने मृत महिला के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और सभी घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।