Friday, January 9, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
विदेशचुनाव से पहले खूनी संघर्ष, ढाका में विपक्षी दल के पूर्व नेता की गोली मारकर हत्या

चुनाव से पहले खूनी संघर्ष, ढाका में विपक्षी दल के पूर्व नेता की गोली मारकर हत्या

Post Media
News Logo
Peptech Time
8 जनवरी 2026, 09:18 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले राजनीतिक हिंसा का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। राजधानी ढाका के करवान बाजार इलाके में मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने स्वेच्छासेबक दल के पूर्व नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी। देश में 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले लागू आदर्श आचार संहिता के बीच हुई इस सनसनीखेज वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुसब्बिर, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की स्वयंसेवी इकाई ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के महासचिव रह चुके थे।


पुलिस के अनुसार, यह हमला रात करीब 8:30 बजे बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक होटल के समीप हुआ। भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्र का लाभ उठाकर हमलावरों ने मुसब्बिर पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई। इस गोलीबारी में मुसब्बिर के पेट में गोली लगी, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुसब्बिर को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल व्यक्ति की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।


वारदात की खबर फैलते ही करवान बाजार और आसपास के इलाकों में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित समर्थकों और स्थानीय लोगों ने देर रात सार्क फाउंटेन चौराहे पर सड़क जाम कर दी, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ सेना के जवानों को मोर्चा संभालना पड़ा। सेना ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर रास्ता खुलवाया, लेकिन क्षेत्र में रह-रहकर विरोध प्रदर्शन होते रहे। फिलहाल सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश में व्यापक छापेमारी की जा रही है।


बांग्लादेश में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक हत्याओं का यह सिलसिला चिंताजनक है। मुसब्बिर की हत्या से कुछ दिन पहले ही जूबो दल के एक नेता पर जानलेवा हमला हुआ था, जबकि बीते 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की भी हत्या कर दी गई थी। विपक्षी दलों ने इन घटनाओं को चुनाव से पहले डराने-धमकाने की साजिश करार दिया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, मतदान में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में बढ़ती हिंसा ने आम नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)