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विश्व कप जीतने के बाद पैदल क्यों चल रहीं हैं क्रिकेटर क्रांति गौड़....?

विश्वकप ट्रॉफी के साथ क्रिकेटर क्रांति गौड़
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छतरपुर (घुवारा)। सुनने में अविश्वसनीय है कि विश्व कप जीतने का सपना सच होने के बाद कोई क्रिकेटर अपना संकल्प निभाने के लिए 32 किलोमीटर पैदल चल रहा है, लेकिन यह सच है। बुंदेलखंड की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी क्रांति गौड़ ने ऐसा किया है।
रविवार की सुबह घुवारा (क्रांति का गांव) से शुरू हुई क्रांति की धार्मिक पदयात्रा दोपहर में बुंदेलखंड के प्रसिद्ध शक्ति पीठ अबार माता मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर में माथा टेककर अबार माता से आशीर्वाद लिया और विश्व कप विजय के लिए लिया गया संकल्प पूरा किया।
क्रांति गौड़ ने मीडिया से बातचीत में बताया, विश्व कप की मुहिम पर जाने से पहले मैंने मां अबार माता से मनौती मांगी थी कि अगर भारतीय टीम विश्व विजेता बनी तो मैं पैदल चलकर मंदिर आऊंगी। मां के आशीर्वाद से हमारी टीम चैंपियन बनी और आज मैं अपना वचन निभा रही हूं। पदयात्रा के दौरान रास्ते में गांव-गांव लोगों ने फूल-मालाओं और आतिशबाजी से जोरदार स्वागत किया।
बता दें कि क्रांति गौड़ ने हाल ही में संपन्न महिला टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी की विश्व भर में तारीफ हुई थी। इतना ही पाकिस्तान के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन कर वे मैन ऑफ द मैच भी बनी थी।
अब सवाल यह उठता है कि क्या आज के दौर में भी कोई खिलाड़ी इतनी श्रद्धा और संकल्प के साथ अपनी मनौती पूरी कर सकता है? तो इसका जवाब है हां, और क्रांति ने इसे साबित करके भी दिखाया है।

गांव के लोगों के साथ पदयात्रा करती हुईं क्रिकेटर क्रांति गौड़

